Monday, October 25, 2021
होम पलवल जल पंचायत के माध्यम से महिलाओं को किया जा रहा जागरूक : वारिश खान सुकेडिया

जल पंचायत के माध्यम से महिलाओं को किया जा रहा जागरूक : वारिश खान सुकेडिया

citykhabre | 22-09-2021 20:00

पलवल: अटल भूजल योजना के तहत जिला कार्यान्वयन भागीदार मानव रचना कीटीम की अगुवाई में ग्राम पंचायत दुर्गापुर में गांव के लोगों से मिलकर उन्हें जागरूक किया तथा उन्होंने पुरुष और महिलाओं के साथ जल पंचायत का आयोजन किया, जिसमें गांव के लोगों ने काफी उत्साह के साथ भगीदारी ली। लोगों को जागरूक करते हुए आइईसी एक्सपर्ट गोविन्द माधव ने कहा की अगर इसी गति से जल का दोहन होता रहा तो वो दिन दूर नही जब लोगों को जल संकट का सामना करना पड़े।

उन्होंने कहा कि पुरुषो के साथ-साथ महिलाओं ने भी घरेलू कार्यो के लिए जिस तरह से जल का दुरूपयोग किया है। उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जब तक लोग जल बचाने के लिए दैनिक व्यवहार में बदलाव नहीं करते तब तक पानी के व्यर्थ उपयोग को नहीं रोका जा सकता। जल की हर एक बूंद का उपयोग सही तरीके से होना चाहिए ताकि हम आगे आने वाली पीढिय़ों के लिए जल भंडार को सुरक्षित रख सके, क्योंकि जल के ऊपर जितना अधिकार हमारा है उतना ही आने वाली पीढिय़ों का भी है। जल के बिना जीवन संभव नही है, इसलिए जो जल भूगर्भ में उपस्थित है उसको हमे बचाना है और बर्षा व अन्य एकत्रित जल को भूगर्भ तक पहुंचाना जरूरी है।

अभिषेक और अशोक ने बताया कि किस तरह से लोग फसलचक्र को बदलकर जल को बचा सकते है, जिन फसलों को कम जल की आवश्यकता होती है, हमे उन फसलों की खेती पर जोर देना चाहिए। सिंचाई की विधि में बदलाव करके भी जल को बचाया जा सकता है, जैसे स्प्रिंकल, ड्रिप पद्धति, अंडरग्राउंड पाइपलाइन जैसी विधियों का प्रयोग करके पानी के खर्च को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज आपके पास जल की उपलब्धता हैं, इसलिए आप सोच नहीं पा रहे हैं, लेकिन जब कल जल ही नहीं होगा तो लोग खेती ही नहीं कर पाएंगे। अमित और आकाश ने बताया कि किस तरह से रिचार्ज बोरवेल लगाकर जलस्तर को बढ़ाया जा सकता है।

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर गांव के एकत्रित पानी को साफ करके खेती व अन्य कार्यों में प्रयोग किया जा सकता है। राहुल ने वाटर ट्रीटमेंट स्ट्रक्चर के लिए साइट इन्सपेक्शन किया। लोगों ने भी अपनी मांगे रखते हुए गांव मे रिचार्ज बोरवेल लगवाने की मांग रखी, क्योंकि यह क्षेत्र भूजल की समस्याओ से ग्रस्त है। यहां फसल को बरसाती मौसम में अधिक बारिश होने के कारण काफी नुकसान भी झेलना पड़ता है।