Wednesday, December 08, 2021
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सार्वजानिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर भरना पड़ेगा ज्यादा से ज्यादा जुर्माना : डा. ब्रह्मदीप

citykhabre | 24-11-2021 19:00

पलवल: सिविल सर्जन डॉक्टर ब्रह्मदीप ने जानकारी दी कि कोटपा एक्ट 2003 के अंतर्गत सरकार ने बीड़ी, सिगरेट, गुटका व कोई भी नशीली वस्तुओं को सार्वजनिक स्थानों पर बेचने या सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन करने पर रोक लगाई गई है और इस एक्ट के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर यदि कोई नशे वाली चीज बेचता है, या विज्ञापन करता है, तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जा सकती है व उसे जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है। उप सिविल सर्जन डा. रेखा सिंह ने बताया कि धार्मिक स्थानों से लगभग 100 मीटर की दूरी तक कोई भी व्यक्ति गुटखा, सिगरेट, बीड़ी व नशा वाली चीजों को नहीं बेक सकता और न ही उसका विज्ञापन कर सकता।

18 साल से कम आयु के बच्चे से यदि कोई नशा युक्त चीजों को बिकवाता है, तो उसका जुर्माना उस मालिक को ही चुकाना पड़ेगा। डा. रेखा सिंह ने बताया कि यदि कोई बीड़ी, सिगरेट, गुटका आदि का सेवन करता है, तो उसका नुकसान सिर्फ सेवन करने वाले को ही नहीं, बल्कि साथ में बैठे जनमानस को जिसके पास धुआं जा रहा हो, उसको भी इसका नुकसान भुगतना पड़ता है जैसे कि फैंफडे खराब हो जाते हैं, हार्ट अटैक की बीमारी हो जाती है, मुंह का कैंसर हो जाता है, आंख का मोतियाबिंद हो जाता है व अन्य बीमारियां पैदा हो जाती हैं। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी को नशा से दूर रहने की हिदायत दी है।

डा. ब्रह्मदीप ने नशा मुक्त होने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई गर्भवती महिला नशे का सेवन करती है, गुटखा खाती है या बीड़ी सिगरेट पीती है, तो उसका नुकसान उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर बहुत पड़ता है, जैसे कि बच्चे के ग्रोथ में रुकावट आ जाती है और बच्चा सही से नहीं पनपता। डा. रेखा ने बताया कि नशे की चीजों को बढ़ावा ऐसे स्थानों से भी मिलता है, जैसे कि किसी होटल में या दुकान में दारू पीने के लिए स्थान बना रहता है या फिर नशा करने की सुविधाएं बनाई हुई होती हैं, वह भी बढ़ावे का पात्र माना जाता है। उसके खिलाफ भी सजा या जुर्माना होना चाहिए। डॉक्टर ब्रह्मदीप ने सभी आमजन से अपील करते हुए कहा कि नशे को छोडऩा व सभी नियमों का पालन करना चाहिए। अपने आस-पास सफाई रखनी चाहिए। उसी से हम स्वस्थ्य व स्वच्छ रह पाएंगे।

ब्रह्मदीप ने बताया कि नशे की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बहुत से कदम उठाए हैं, जैसे कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कई विभागों में चालान बुक बांटी गई हैं। पुलिस विभाग, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा विभाग, प्राइवेट स्कूल इन सभी को चालान बुक देने का मकसद यही है कि जहां भी धूम्रपान या नशा होता दिखे, तो उस पर रोकथाम लगाई जा सके।