Tuesday, January 25, 2022
होम पलवल जिले में रात्रि 11 बजे से सुबह 05 बजे तक रात की आवाजाही पर सख्ती से प्रतिबंध

जिले में रात्रि 11 बजे से सुबह 05 बजे तक रात की आवाजाही पर सख्ती से प्रतिबंध

citykhabre | 25-12-2021 17:00

पलवल: जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कृष्ण कुुमार ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के मद्देनजर जिला में महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा की अवधि आगामी 5 जनवरी 2022 प्रात: 5 बजे तक बढ़ा दी गई है। इसके तहत राज्य में रात्रि 11 बजे से सुबह 05 बजे तक रात की आवाजाही पर सख्ती से प्रतिबंध रहेगा। इनडोर और खुले स्थानों में हॉल/क्षेत्र की क्षमता के 50 प्रतिशत तक की भीड़ को क्रमश: अधिकतम 200 व्यक्तियों या 300 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ अनुमति दी जाएगी, जो कि कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार मानदंडों और सामाजिक दूरी के सख्त पालन के अधीन है। यह सुनिश्चित करने के लिए आयोजनों के आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में केवल पूरी तरह से टीकाकरण वाले व्यक्ति ही शामिल हों।

आगामी एक जनवरी 2022 से सभी सार्वजनिक कार्यालयों और सुविधाओं में केवल पूर्ण टीकाकरण वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश करने की अनुमति रहेगी। हालांकि पूर्व में जारी किए गए दिशा-निर्देश की सभी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू रहेंगी और जिला में सभी दुकानें तथा मॉल जरूरी हिदायतों जैसे सोशल डिस्टेंसिंग की अनुपालना, नियमित रूप से सैनेटाइजेशन तथा कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाकर खुल सकेंगे। जिलाधीश द्वारा जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि नो मास्क-नो सर्विस के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्हीं लोगों को पब्लिक व प्राइवेट ट्रांसपोर्ट में अनुमति दी जाएगी जो मास्क लगाएंगे।

कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन के लिए पांच गुणा रणनीति जैसे-परिक्षण ट्रेस-टीकाकरण ट्रैक व कोविड-19 उचित व्यवहार पर निरंतर विशेष फोकस रहेगा। जिलाधीश ने बताया कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार होटल और मॉल्स के रेस्टोरेंट, बार, जिम, स्पा व क्लब हाऊस, गोल्फ कोर्स की बार आदि खोले जा सकेंगे लेकिन उनमें सामाजिक दूरी, नियमित रूप से सैनेटाइजेशन, कोविड संबंधी उचित व्यवहार जैसे नॉम्र्स लागू रहेंगे। उन्होंने बताया कि जिला में धार्मिक स्थल भी खुल सकेंगे लेकिन उनमें एक समय में 50 लोगों से ज्यादा की भीड न हो तथा कोविड संबंधी सभी नियमों की अनुपालना की जाए। जिलाधीश ने बताया कि कारपोरेट आफिस को भी शत प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने की अनुमति दी गई है, जिसमें सामाजिक दूरी सहित अन्य कोविड गाइडलाइन की पालना प्रभावी रूप से सुनिश्चित करनी होगी। बंद स्थानों पर हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत व अधिकतम 200 व्यक्तियों को एकत्रित करने की अनुमति रहेगी। उन्होंने बताया कि खुले स्थान पर 300 व्यक्तियों की भीड़ कोविड-19 की हिदायतों की अनुपालना करते हुए ही  की जा सकती है। इसमें सभी जरूरी हिदायतों की अनुपालना करनी होगी तथा अधिक भीड़ से बचना होगा। सभी उत्पादन इकाइयां, प्रतिष्ठान, उद्योग को व्यहार नियमों, सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोविड-19 की गाइडलाइन की पालना करने के पश्चात चलाया जा सकेगा।

राज्य में पूरी तरह से आवासीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए है  कि वे अपने संबंधित सेमेस्टर शेड्यूल के अनुसार कोविड के उचित व्यवहार के लिए एसओपी अपनाने के बाद अपने परिसर को फिजिकल कक्षाओं के लिए फिर से खोलने की योजना बनाएं। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी छात्रों और संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को पूरी तरह से टीकाकरण कराने का प्रयास करें। खेल परिसर व स्टेडियम केवल खिलाडिय़ों के लिए खेल गतिविधियों के उद्वेश्य से खोले जा सकेंगे लेकिन स्पोर्टस प्राधिकरण द्वारा सभी गाइडलाइन की पालना करवाना जरूरी होगा। इसके अलावा स्वीमिंग पुल नियमित रूप से स्वीमर्स, प्रेक्टिशनर्स तथा योग्य आंगतुकों के लिए खोले जा सकेंगे।

मॉल्स व अकेले में बने सिनेमा हॉल्स को कोविड उपयुक्त व्यवहार मानदंड अनुसार खुलने की अनुमति रहेगी परंतु उनमें कोविड-19 की गाइडलाइन्स की अनुपालना सुनिश्चित करनी आवश्यक होगी। आदेशों के अनुसार आईटीआई में विद्यार्थियों की शत प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी, प्रशिक्षण संस्थान (राजकीय एवं निजी), महाविद्यालय व विश्वविद्यालय, बहुतकनीकी संस्थान तथा प्रयोगशालाओं में प्रेक्टिकल कक्षाएं और उपचारात्मक कक्षाएं/शंकाए कक्षाओं एवं ऑफलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के लिए खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। लेकिन इसके लिए सभी संस्थानों में आवश्यक सामाजिक दूरी, नियमित तौर पर सेनेटाइजेशन और कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार के नियमों सहित एसओपी की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। जिलाधीश ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कोविड-19 महामारी के संक्रमण के फैलाव को रोकने तथा शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश पारित किए हैं।

इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देश जिला प्रशासन पलवल की वैबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.पलवल.जीओवी.इन पर उपलब्ध हैं। जिलाधीश ने बताया कि जिला नगर आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अथवा इंसीडेंट कमांडर, तहसीलदार या नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सिविल सर्जन, उपनिदेशक जिला उद्योग केंद्र, कृषि उपनिदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद व नगर पालिका सचिव, मार्किट कमेटी सचिव और संबंधित थाना अध्यक्ष अपने एरिया में इन आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने बताया कि आरडब्ल्यूए (रेजिडेंशियल वेल्फेयर एसोशिएशन) सामाजिक दूरी की हिदायतों की पालना व जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करेंगी। अगर उनके क्षेत्र में किसी प्रकार की अवहेलना मिलती है तो वे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। अगर किसी स्थिति में जिला प्रशासन व पुलिस को सूचना न देने की स्थिति में आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष या सचिव को जिम्मेवार माना जाएगा। इन आदेशो की उल्लंघना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60 तथा धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।